Tuesday, March 18, 2008

आँखों में बस जाता है !

फूल ,फूल है आँखों में बस जाता है
शूल ,शूल है पाँवों में गड़ जाता है
काँच,काँच है माना चमकेगा लेकिन
जो हीरा है,मुकुट-मणि बन जाता है

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