फूल खिले झर गए
कांटे मिले बिखर गए
सुख आया चला गया
दुःख आया नहीं रहा
मिलना और बिछुड़ जाना
यही तो है ताना - बाना
यहाँ नियम बस यही है
जो आज है ,वह कल नहीं है.
Wednesday, March 5, 2008
आना - जाना
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फूल खिले झर गए
कांटे मिले बिखर गए
सुख आया चला गया
दुःख आया नहीं रहा
मिलना और बिछुड़ जाना
यही तो है ताना - बाना
यहाँ नियम बस यही है
जो आज है ,वह कल नहीं है.
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