Thursday, April 8, 2010

रंग......बकलम इमरोज़

काले रंग को

कोई भी रंग

नहीं रंगता

काली सोच को भी

ज़िंदगी का कोई रंग

नहीं रंगता।
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साभार प्रस्तुत

1 comment:

Udan Tashtari said...

आभार इस प्रस्तुति का.