Saturday, March 15, 2008

मुसकान का मोल है

दुर्दिन में दान का मोल है
क्षुधा में जलपान का मोल है
रेगिस्तान में बारिश की तरह
दर्द में मुसकान का मोल है

2 comments:

Sanjeet Tripathi said...

सही!!!

रवीन्द्र प्रभात said...

अच्छा लगा पढ़ कर !