Wednesday, April 9, 2008

किसे घटाएँ !.....किसको जोड़ें !!

किसे घटाएँ,किसको जोड़ें

कैसे दुनिया का रुख मोड़ें

जब चलने में हर्ज़ यहाँ है

तुम्हीं बताओ कैसे दौड़े

किसे ले चलें साथ सफर में

और बताओ किसको छोड़ें

धारा के विपरीत खड़े हैं

क्यों हम धाराओं को मोड़ें

मंजिल एक दिन मिल जायेगी

मगर शिकायत करना छोड़ें

6 comments:

अभिनव said...

सुंदर,

मंजिल एक दिन मिल जायेगी
मगर शिकायत करना छोड़ें

मीत said...

कितना सहज. कितना सरल. कितना अच्छा.

Nishpaksh said...

beautiful !

Parul said...

वाह!

नीरज गोस्वामी said...

जैन साहेब
छोटी बहर की ग़ज़ल कहना कितना मुश्किल काम होता है मैं जानता हूँ और आप ने अपने हुनर से इसे कितना आसान कर दिया है. कमाल है.
इतना बढ़िया जब लिखते हो
कैसे तुमको पढ़ना छोडें ?
नीरज

Hindi Choti said...


Hindi sexy Kahaniya - हिन्दी सेक्सी कहानीयां

Chudai Kahaniya - चुदाई कहानियां

Hindi hot kahaniya - हिन्दी गरम कहानियां

Mast Kahaniya - मस्त कहानियाँ

Hindi Sex story - हिन्दी सेक्स कहानीयां


Nude Lady's Hot Photo, Nude Boobs And Open Pussy

Sexy Actress, Model (Bollywood, Hollywood)