Monday, April 14, 2008

किनारे छूट जाते हैं !


सहारों पर न तुम ठहरो सहारे टूट जाते हैं ,
न किस्मत का भरोसा है सितारे रूठ जाते हैं !
किनारे पर पहुँचकर भी न सोचो पार जा पहुँचे,
जोश लहरों को गर आया किनारे छूट जाते हैं !!

3 comments:

mehek said...

किनारे पर पहुँचकर भी न सोचो पार जा पहुँचे,
जोश लहरों को गर आया किनारे छूट जाते हैं !!

wah wah khari baat bahut khub.

Udan Tashtari said...

अच्छा ख्याल है.

अतुल said...

न किस्मत का भरोसा है सितारे रूठ जाते हैं !
बहुत खूब.