Monday, September 8, 2008

हथियार न हिम्मत के डाले...!

इतिहास काँच के टुकड़ों का नहीं
उज्ज्वल हीरों का बनता है !
इतिहास घास के तिनकों का नहीं
फौलादी तीरों का बनता है !!
जो थके नहीं और झुके नहीं,
हथियार न हिम्मत के डाले !
इतिहास सदा ऐसे धुरीण
जग के वीरों का बनता है !!
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