Monday, December 15, 2008

दुःख भी दुखी हुआ करता है...!

दुःख पर लांछन नहीं लगाना

दुःख भी दुखी हुआ करता है !

कभी किसी को घाव न देना

जग भी दुआ किया करता है !!

सुख का जल कब ठहर सका है

सुख में भूल न जाना साथी !

कलाकार जीवन का उसको

पल भर छुआ किया करता है !!

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4 comments:

Anil Pusadkar said...

कभी किसी को घाव न देना……… क्या बात है डाक्साब्।

नीरज गोस्वामी said...

हमेशा की तरह....विलक्षण पंक्तियाँ...क्या कहना है ...वाह.
नीरज

प्रकाश बादल said...

vaah doctor saahab vaah!!!!!!!

राज भाटिय़ा said...

बहुत सुंदर कविता लिखी आप ने .
धन्यवाद