Wednesday, January 28, 2009

स्वयं चूमती चरण मुसीबत...!


काँटों से डरने वाले

फूल-फल पा नहीं सकते

तूफां से डरने वाले

साहिल पा नहीं सकते

स्वयं चूमती चरण मुसीबत

जांबाजों की इस दुनिया में

सफ़र से डरने वाले

मंज़िल पा नहीं सकते

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2 comments:

परमजीत बाली said...

बढिया रचना है॥

Dr. Amar Jyoti said...

प्रेरक!