Thursday, August 21, 2008

ज़ख्म बने सौगात....!

गुज़रता है वक़्त

बदल जाते हैं हालात

बीते दिनों की दिलों में

रह जाती है बस याद

उठती है टीस

चोट जो लग जाए राह में

मिल जाए प्यार

ज़ख्म भी बन जाते हैं सौगात
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4 comments:

Udan Tashtari said...

बहुत बढिया.

Dr. Chandra Kumar Jain said...

शुक्रिया समीर साहब
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चन्द्रकुमार

अभिषेक ओझा said...

"मिल जाए प्यार
ज़ख्म भी बन जाते हैं सौगात"

बहुत खूब डॉक्टर साब !

Dr. Chandra Kumar Jain said...

धन्यवाद अभिषेक
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डॉ.चन्द्रकुमार जैन